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Types of Computer in Hindi कम्प्यूटर के प्रकार

कम्प्यूटर को उनके आकार एवं कार्य पद्धति के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है – Computers are classified on the basis of their size and working method. Types of Computer in Hindi

आकार पर आधारित वर्गीकरण (Types of Computer based on size)

1 . माइक्रो कम्प्यूटर (Micro Computer) :

ये वस्तुतः एक ही व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाये जाने वाले Computer होते हैं जिनके कारन इस प्रकार के कम्प्यूटरों को प्रायः व्यक्तिगत कम्प्यूटर (Personal Computer) या पी.सी. (P. C.) के नाम से जाना आता है। इन्हें एक छोटी मेज पर आसानी से रखा जा सकता है। इस तरह के Computers का उपयोग ऑफिस, घरों या व्यवसायों आदि कार्यों के लिए किया जाता है। स्टोरेज क्षमता और आंकड़ो की बड़ी मात्रा का रख-रखाव करने में अपनी सामर्थ्य के कारन आज इसका व्यापक पैमाने पर उपयोग हो रहा है।

2. मिनी कम्प्यूटर (Mini Computer) :

इस प्रकार के कम्प्यूटर आकार तथा कार्य क्षमता की द्रष्टि से छोटे होते हैं। यह माइक्रो कम्प्यूटर लगभग 5 से 50 गुना अधिक क्षमता वाला होता है। इन्हें रखने के लिए एक बड़े मेज की जरूरत होती है तथा इस पर एक साथ 20-30 टर्मिनल पर कार्य किया जा सकता है।

3. मेन फ्रेम कम्प्यूटर (Main Frame Computer) :

इस प्रकार के कम्प्यूटर आकार में बड़े होते हैं और इनका डिजाइन स्टील ए फ्रेम में लगा कर किया जाता है। इस कम्प्यूटर की मेमोरी माइक्रो तथा मिनी कम्प्यूटर से अधिक होती है। मेन फ्रेम कम्प्यूटर पर समय सहभागिता (Time Sharing) तथा बहुकार्य क्षमता (Multi Tasking) के द्वारा एक साथ अनेक व्यक्ति कभी-कभी 100 से भी अधिक व्यक्ति अलग-अलग टर्मिनल पर कार्य कर

4. सुपर कम्प्यूटर (Super Computer) :

सुपर कम्प्यूटर बहुत अधिक शक्तिशाली होते हैं। ये जटिल से जटिल कार्यों को बहुत ही आसानी से अतिशीघ्र गति करते हैं। इनकी संग्रहण क्षमता (Storage Capacity) भी अधिक होती है। सुपर कम्प्यूटर अभी तक का सबसे तेज कार्य करने वाला और सबसे महँगा कम्प्यूटर है।

सुपर कम्प्यूटर की मुख्य विशेस्तायें – Features of Super Computer

  • इस तरह के कम्प्यूटरों में 34 या 64 समान्तर परिपथों में कार्य कर रहे माइक्रो प्रोसेसर की सहायता से प्राप्त सूचनाओं पर एक साथ कार्य किया जा सकता है।
  • इन कम्प्यूटरों में उच्च भण्डारण घनत्व वाली चुम्बकीय बबल स्मृति या युग्म युक्तियों (Magnetic Bubble Memory – MBM or, Charge Coupled Devices – CCDs) उपयोग किया जाता है जिसके कारण छोटी सी जगह में सूचनाओं का बृहद भण्डारण संग्रहित किया जा सकता है।
  • इस कंप्यूटर के लिए विशिष्ट प्रकार के वातावरण (Air Condition) की आवश्यकता पड़ती है।
  • सुपर कम्प्यूटर की आवश्यकता तभी पड़ती है जब अनवरत रूप से बदल रहे अनेक आंकड़ों को समानुक्रमित करना होता है।

सुपर कम्प्यूटर का प्रयोग अनेक कार्यों में किया जाता है, जैसे मौसम का पूर्वानुमान करने के लिए, आन्तरिक अनुसन्धान करने के लिए तथा उपग्रहों के प्रक्षेपण, कम्प्यूटरीकृत व प्रक्षेपास्त्र परीक्षण सहित बड़े वैज्ञानिक अनुसन्धान कार्यों में सुपर कंप्यूटर की सहायता से जटिल आंकड़ों को अनुसन्धान कार्यों में जटिल प्रोग्रामों की एक श्रंखला द्वारा विश्लेषण किया जाता है।

5. क्वांटम कम्प्यूटर (Quantum Computer) :

ऊपर चारों प्रकार के कम्प्यूटरों के अतिरिक्त क्वांटम कम्प्यूटर विकास की अंतिम अवस्था में है। यह कम्प्यूटर सुपर कंप्यूटर से भी तेज गति से और जटिल से जटिल समस्यायों को सेकेंडों में हल करने में सक्षम होगा। वैज्ञानिकों का मानना है की यह कम्प्यूटर मानव के मस्तिष्क से भी उन्नत हो सकता है।

यह फार्मेट के आखरी प्रमेय जैसे पेचीदा अंतर्राष्ट्रीय गणितीय समस्या, जिसे हल करने में 300 साल लगते हैं, को हल करने में सक्षम होगा। गणित की सबसे प्रसिद्ध अनसुलझी समस्या रीमैंस ह्य्पोथिसिस को भी क्वांटम कम्प्यूटर कुछ समय में हल कर सकेगा। क्वांटम कम्प्यूटर द्वारा सभी प्रकार की पेचीदा समस्याओं को हल करने के लिए क्वांटम मेकैनिक्स जैसे भौतिकी के गूढ़ क्षेत्रों का प्रयोग किया जायेगा।

कार्य पद्धति के आधार पर वर्गीकरण (Types of Computer based on work method)

कार्य पद्धति के आधार पर कम्प्यूटर मुख्यतः पांच प्रकार के होते हैं – There are mainly five types of computers on the basis of working method in Hindi

1.  अंकीय कम्प्यूटर (Digital Computers)

हमारे रोजमर्रा की भाषा में जब हम कम्प्यूटर सब्द का उच्चारण करते हैं तो उसका सीधा अर्थ होता है – अंकीय कम्प्यूटर। ये कम्प्यूटर सभी प्रकार की सूचनाओं को द्विआधारी भाषा पद्धति में बदलकर अपना कार्य करते हैं। ये सभी प्रकार की गणनाएं गिनकर (जोड़कर) करते हैं। ये बहुत अधिक क्षमता से कार्य कर सकते हैं। लेकिन विशेषता यह होती है कि इसकी गणना अत्यंत शुद्ध होती है।इसमें किसी भी तरह की संक्रियाएं की जा सकती है।

2. अनुरूप कम्प्यूटर (Analogue Computer)

एनालॉग एक ग्रीक सब्द जिसका अर्थ है – दो राशियों में अनुरूप खोजना। एनालॉग कम्प्यूटर में किसी भौतिक विधि या राशि को इलेक्ट्रोनिक परिपथों की सहायता से विधुत संकेतों में अनुरूपित किया जाता है। जिस प्रकार अंकीय कम्प्यूटर राशियों को गिनकर कार्य करता है, उसी प्रकार अनुरूप कम्प्यूटर मापकर या नापकर अपना करता है। इन कम्प्यूटरों की मदद से की गयी गणनाओं की यथार्थता बहोत शुद नहीं होती है फिर भी 99% शुद्धता प्राप्त की जा सकती है।

3. संकर कम्प्यूटर (Hybrid Computers)

इस प्रकार के कम्प्यूटरों में अंकीय तथा अनुरूप दोनों कम्प्यूटरों की विशेषता होती है। इसका उपयोग स्वचालित उपकरणों में बहुतायत देखने को मिलता है। इसका उदाहरण एक उपकरण रोबोट (Robot) है, जिसकी सहायता से आजकल कई कार्य स्वचालित रूप से किया जाता है।

4. प्रकाशीय कम्प्यूटर (Optical Computer)

पंचम पीढ़ी के कम्प्यूटरों के विकास-क्रम में इस प्रकार के कम्प्यूटर बनाये जा रहे हैं, जिनमें एक अवयव को दूसरे से जोड़ने का कार्य ऑप्टिकल फाइबर के तंतु से किया जाता है एवं गणना अवयव प्रकाशीय पद्धति पर बनाये गए हैं

5. एटॉमिक कम्प्यूटर (Atomic Computer)

कार्नेगी विश्वविध्यालय में ऐसे परमाण्विककम्प्यूटर पर अनुसंधान कार्य जारी है, जो कि किसी खास प्रोटान परमाणओं को एकीकृत परिपथ में बदल दे और कम्प्यूटर को इतनी अधिक स्मृति प्रदान कर सके की ऐसा कम्प्यूटर आज के कम्प्यूटर से 10,000 गुनी क्षमता वाला हो।

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