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how to write a letter in hindi? हिंदी पत्र कैसे लिखें?

What is letter writing? पत्र लेखन क्या है

पत्र लेखन एक कला है। एक सुंदर पत्र पढ़ने वाले का और सुनने वाले का मन मोह लेता है। पत्र में हमें थोड़े से शब्दों में बहुत कुछ कहना होता है। पत्र लिखते समय हमारी भाषा मुहावरेदार और दूसरों को प्रभावित करने वाली होनी चाहिए इसलिए पत्र वह माध्यम है जिसके द्वारा हम उन व्यक्तियों तक अपने संदेश, विचार एवं भावनाएं प्रकट कर सकते हैं जिन तक हमारी ध्वनि नहीं पहुंच सकती।

विज्ञान उन्नति के शिखर पर है टेलीविजन, रेडियो, टेलीफोन और मोबाइल के होते हुए भी पत्र का अपना एक अलग ही स्वरूप है अलग ही पहचान है। आज विज्ञान के उन्नत साधनों ने हमें पत्र के माध्यम से अपने परिवार के सदस्यों और मित्र गणों के साथ संबंध स्थापित करने के योग्य बना दिया है जो हमसे दूर बल्कि बहुत दूर विदेशों में जा बसे हैं।

व्यक्तिगत क्षेत्र में ही नहीं बल्कि व्यापारिक क्षेत्र में भी पत्र व्यवहार का महत्व और भी बढ़ गया है। अपने देश में ही नहीं अपितु यूरोप, अमेरिका और एशिया आदि के महाद्वीपों के विभिन्न देशों से हम माल और समान मंगवाते हैं और भेजते हैं। इन सब उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पत्र लिखने के विशिष्ट योग्यता प्राप्त करना नितान्त आवश्यक हो गया है! इसलिए पत्र लेखन को एक कला कहा जाता है।

जिस प्रकार एक कलात्मक व्यक्ति चाहे वह लेखक हो या कलाकार हो दूसरों को प्रभावित करके अपना अलग स्थान बना लेता है उसी प्रकार पत्र लिखने की कला में सिद्ध-हस्त व्यक्ति अपनी भाषा, अपने विचारों तथा अपनी भावनाओं से दूरस्थ व्यक्तियों को अपनी ओर खींच कर अपना एक अलग ही महत्वपूर्ण स्थान बना देता है। पत्र भी कई प्रकार के होते हैं जैसे व्यक्तिगत, व्यापारिक और प्रार्थना पत्र आदि।

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Structure of letter writing

Suggetion of Letter Writing in Hindi

पत्र लिखने के लिए नीचे दी गई बातों का ध्यान देना चाहिए जो कि इस प्रकार हैं –

  1. विशेषता के आधार पर अपना पत्र लेखक चुनें।
  2. सुनिश्चित करें कि आपका पत्र पढ़ने वाला आपको अच्छी तरह जानता है या नहीं।
  3. पत्र लिखते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए की पढ़ने वाले के प्रति शिष्टाचार और आदर के भाव पूर्ण रूप से पत्र में दिखाई दे।
  4. जिस विषय में पत्र लिखें उस विषय में भरपूर सूचना दें।
  5. पत्र ने लेखक अपनी भावनाओं को इस प्रकार व्यक्त करे कि लेखक की भावना पत्र पढ़ने वाले के ह्रदय को छू जाए।
  6. पत्र में ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जिसे पाठक आसानी से पढ़ और समझ सके।
  7. पत्र में लेखक और पाठक के बीच अपनेपन और अच्छे सम्बन्ध प्रकट करने वाले शब्दों का चयन करना चाहिए।
  8. पत्र लिखते समय लेखक और पाठक के बीच सम्बन्ध और योग्यता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
  9. पत्र में केवल मुख विषय का वर्णन करना चाहिए अनावश्यक बातों का प्रयोग पाठक को परेशान कर सकता है।
  10. पत्र ऐसे लिखना चाहिए कि जिसे पढ़कर पाठक के मन में कोई संदेह न रहे जिस विषय को लेकर पत्र लिखा हो उसके पूर्ण भाव पत्र में व्यक्त होना चाहिए।
  11. भेजने वाले तथा प्राप्त करने वाले का पता स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए, ताकि पत्र सही जगह पर भेजा जा सके और प्राप्त किया जा सके।

Important tips for letter writing पत्र लिखने के टिप्स

  1. पत्र में उचित शब्दों का प्रयोग करे
  2. शिष्टाचार का विशेष ध्यान दें
  3. सरल व प्रभावशाली भाषा का प्रयोग करें
  4. पाठक के प्रति आदर और सम्मान का ध्यान रख।
  5. सुनिश्चित करें कि पत्र अच्छी तरह से लिखा गया हैं।
  6. सुनिश्चित करें कि आपके सभी संपर्क विवरण पत्र के शीर्ष पर स्पष्ट रूप से लिखे गए हैं।
  7. इस बारे में सोचें कि आप क्या कहना चाहते हैं।
  8. इस बारे में सोचें कि आप किसे पत्र लिख रहे हैं।
  9. पैराग्राफ का उपयोग करते हुए अपना पत्र तैयार करें।

Essential Guidelines for writing a letter पत्र लिखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश

पता एवं तिथि (Address and date) – पत्र के पहले अंग में लिखने वाले को अपना पता अवश्य लिश्ना चाहिए। पते में अपना स्थान आदि लिखने के पश्चात् अल्पविराम (comma) (.) और नगर या प्रान्त लिखने के बाद पूर्णविराम का प्रयोग करते हैं।भेजने वाले के पते के बिल्कुल नीचे हम तिथि लिखते है। पता तथा तिथि पत्र के दायें बाएं दोनों कोने में लिख सकते हैं।

126, ज्योति नगर,
बाईपास रोड,
जलंधर सिटी (पंजाब)
01 Jan, 2022

प्रिय ——

सदेश —————————————————————————————————————————–

सम्बोधन या अभिवादन – पत्र का आरम्भ काफी महत्वपूर्ण होता है। इसमें उस व्यक्ति को सम्बोधित किया जाता है जिसे पत्र लिखा जाता है। हम जिस व्यक्ति को पत्र लिखते हैं, उसकी मान मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सम्बोधित करते हैं। अलग-अलग श्रेणी के व्यक्तियों के लिए अलग-अलग सम्बोधनों का प्रयोग किया जाता है।

पत्र का मुख्य भाग Body of the Letter-Contents – विषय वस्तु पत्र का मुख्य भाग होता है। इसका आरम्भ अभिवादन के नीचे से किया जाता है। इस भाग में लेखक अपना भाव प्रकट करता है, इसलिए भावों को ठीक प्रकार से प्रकट करने के लिए बहुत सरल और भावात्मक सुन्दर शब्दों का प्रयोग करना चाहिए।

प्रिय मित्र सुधीर,

सन्देश ——————————————————————————————————————————-

अंत (subscription) – पत्र का मुख्य भाग समाप्त होने पर पत्र का अंतिम भाग subscription कहलाता है।

प्रिय मित्र सुधीर,

सन्देश ——————————————————————————————————————————–

आपका मित्र,
उत्तम केवट

पत्र किसको सम्बोधित किया जा रहा है उसी के अनुसार अलग-अलग subscription होते है। जैसे –

  • आपका आज्ञाकारी
  • आपका दोस्त
  • affectionately your
  • your affectionate father mother uncle
  • भवदीय

Types of letter writing

पत्र मुख्य रुप से दो तरह के होते हैं –

  1. औपचारिक पत्र (Formal Letter)
  2. अनौपचारिक पत्र(Informal Letter)

औपचारिक पत्र (Formal Letter)

एक औपचारिक पत्र एक व्यवस्थित और पारंपरिक भाषा में लिखा जाता है और एक विशिष्ट निर्धारित प्रारूप का पालन करता है। ऐसे पत्र आधिकारिक उद्देश्यों के लिए लिखे जाते हैं। व्यावसायिक पत्र और अधिकारियों को लिखे जाने वाले पत्र इसी की श्रेणी में आते हैं।

अनौपचारिक पत्र (Informal Letter)

ये व्यक्तिगत पत्र होते हैं जिन्हें लिखने के लिए निर्धारित पैटर्न का पालन करने की जरूरत नहीं होती है। आप उन्हें चचेरे भाई, रिश्तेदारों, दोस्तों या परिवार को लिख सकते हैं। आपके औपचारिक संपर्कों को भी एक अनौपचारिक पत्र लिखा जा सकता है यदि आप उनके साथ मैत्रीपूर्ण संबंध साझा करते हैं। ऐसे पत्रों को पत्र पर्सनल और व्यक्तिगत पत्र भी कहा जाता हैं।

पत्रों के विभिन्न प्रकार

निजी पत्र – Personal Letter

ये व्यक्तिगत पत्र होते हैं जिन्हें आप उन्हें चचेरे भाई, रिश्तेदारों, दोस्तों या परिवार को लिख सकते हैं।

प्रार्थना पत्र – Request Letter

इस तरह के पत्र अमुमन विधार्थियों द्धारा लिखे जाते हैं, यह पत्र अवकाश के लिए, फीस माफी के लिए, स्कूल छोड़ने के लिए आमतौर पर लिखे जाते हैं।

व्यावसायिक पत्र – Business Letter

एक व्यावसायिक पत्र एक कंपनी से दूसरी कंपनी, अपने बिजनेस पार्टनर या किसी संगठनों और उनके ग्राहकों का एक पत्र है। ऐसे पत्रों में आमतौर पर व्यावसायिक जानकारी होती है जैसे कि – शिकायतें, क्लेम, ऑडर्स आदि। पत्र की समग्र शैली संबंधित पक्षों के बीच संबंधों पर निर्भर करती है

आधिकारिक पत्र – Official Letter

आधिकारिक पत्र, जिसे औपचारिक पत्र भी कहा जाता है, एक पेशेवर सेटिंग में किसी संगठन या व्यक्ति के लिए तैयार किया गया एक दस्तावेज है। इसका अनिवार्य रूप से मतलब है कि इस प्रकार के पत्रों का उपयोग नौकरी/उत्पाद/सेवा में रुचि व्यक्त करने के लिए किया जाता है या व्यावसायिक संस्थाओं के बीच संदेश देने के लिए उपयोग किया जाता है।

Different kind of Letters

  1. शुभकामना पत्र (Letters of greetings)
  2. बधाई पत्र (Letters of congratulations)
  3. खेद प्रकट करने के लिए पत्र (Letters of Regret)
  4. अवकाश आवेदन पत्र (Leave Applications)
  5. धन्यवाद के लिए पत्र (Letters of Thanks)
  6. सम्वेदना प्रकट करने के पत्र (Letters os Condolence)
  7. प्रेम पत्र (Love Letters)
  8. आमंत्रण पत्र (Invitation Letters)
  9. पारिवारिक पत्र (Family Letter)
  10. नौकरी हेतु प्राथना पत्र (Job Applications)
  11. शिकायत पत्र (Complaints Letters)
  12. क्षमा याचना के लिए पत्र (Apology Letters)

Examples of letters

1. अपने प्रनाध्यापक को शुल्क मुक्ति हेतु आवोदन पत्र

सेवा में,

श्रीमान् प्राचार्य महोदय,
शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,
शिवपुरी।

विषय – शुल्क मुक्ति हेतु आवेदन पत्र।
महोदय,

सविनय नम्र निवेदन है की मेरे पिताजी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इस बार खेती में अच्छी पैदावार न होने के कारण घर की हालत ख़राब है। इस कारण मै अपना विद्यालय शुल्क जमा करने में असमर्थ हूँ। अध्धयन में मेरी रूचि है, मैं कक्षा में प्रथम या द्वितीय स्थान प्राप्त करता आ रहा हूँ।

अतः आपसे निवेदन है कि मेरी निर्धनता को देखते हुए मुझे पूर्ण शुल्क मुक्ति प्रदान करने का कष्ट करें।

दिनांक 01/06/2022

आपका आज्ञाकारी शिष्य
उत्तम कुमार
कक्षा 10वीं

2. अपने विद्यालय के प्राचार्य महोदय को ‘स्थानान्तरण प्रमाण पत्र’ प्रदान करने के लिए आवेदन पत्र लिखिए।

सेवा में,

श्रीमान् प्राचार्य महोदय,
शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,
सतना।

विषय – स्थानान्तरण प्रमाण पत्र लेने हेतु आवेदन पत्र।
महोदय,

सविनय निवेदन है की मै आपके विद्यालय के कक्षा 10वीं का नियमित छात्र हूँ। मैंने 10वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्त्रीर्ण की है। मेरे पिताजी का स्थानातरण जबलपुर में हो जाने के कारण मुझे 11वीं कक्षा में जबलपुर में प्रवेश लेना होगा।

अतः आपसे प्रार्थना है मुझे स्थानान्तरण प्रमाण पत्र देने की कृपा करें। आवेदन पत्र के साथ कक्षा अध्यापक तथा पुस्तकालय का अनापत्ति प्रमाण पत्र संलग्न है।

दिनांक 01/06/2022

आपका आज्ञाकारी शिष्य
राजेश कुमार
कक्षा 10वीं

Conclusion 
इस लेख में आपने पत्र लेखन, पत्रों के प्रकार तथा पत्र की संरचना, पत्र लिखते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, पत्र लेखन हेतु जरूरी दिशा निर्देश आदि के बारे में जाना। हम आशा करते इस लेख से आपको पत्र लिखने में में मदत मिलेगी धन्यवाद!

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